नमस्कार दोस्तों! “ना ऑफिस, ना बॉस” – साबुन पैकिंग वर्क फ्रॉम होम की खबर सोशल मीडिया पर वायरल है। दावा है कि घर बैठे साबुन पैक करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। कोई निवेश नहीं, लचीला समय। महिलाएं, गृहिणियां, छात्र सब कर सकते हैं। लेकिन सच्चाई क्या है? ज्यादातर ऐसे ऑफर स्कैम हैं। असली कंपनियां ऐसा काम नहीं देतीं।
यह अफवाह पुरानी है। हर साल नया नाम लेकर आती है। आइए, फैक्ट चेक करते हैं।
यह काम कैसे बताया जाता है
वायरल पोस्ट्स कहती हैं:
- कंपनी साबुन और पैकिंग मटेरियल भेजेगी।
- आप घर पर पैक करेंगे।
- प्रति पीस या बॉक्स पैसे मिलेंगे।
- महीने में हजारों कमा सकते हैं।
लेकिन असल में ऐसा नहीं होता।
क्यों है यह स्कैम?
- बड़ी कंपनियां (HUL, ITC, Godrej) फैक्ट्री में मशीन से पैकिंग करती हैं। घर पर नहीं भेजतीं।
- रजिस्ट्रेशन फीस मांगते हैं – ₹500 से ₹5000।
- सामान भेजने का बहाना बनाते हैं।
- बाद में गायब हो जाते हैं।
- कोई लिखित एग्रीमेंट नहीं।
पुलिस और साइबर सेल में ऐसी शिकायतें हजारों हैं।
असली घर बैठे कमाई के विकल्प
घर से कमाई चाहते हैं तो ये ट्राई करें:
- फ्रीलांसिंग: Upwork, Fiverr पर राइटिंग, डेटा एंट्री।
- ऑनलाइन ट्यूशन: बच्चों को पढ़ाएं।
- हैंडीक्राफ्ट बेचें: Etsy या लोकल मार्केट।
- यूट्यूब/ब्लॉग: कंटेंट बनाएं।
- सरकारी स्कीम्स: लखपति दीदी, मुद्रा लोन से बिजनेस शुरू करें।
ये सुरक्षित और लंबे समय तक कमाई देते हैं।
स्कैम से कैसे बचें
- रजिस्ट्रेशन फीस मांगें तो मना करें।
- कंपनी का नाम गूगल करें + “scam” लिखकर।
- लिखित एग्रीमेंट मांगें।
- सामान भेजने से पहले पैसे न दें।
- लोकल पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें।
निष्कर्ष
साबुन पैकिंग वर्क फ्रॉम होम ज्यादातर फ्रॉड है। लालच में न आएं। असली कमाई मेहनत और स्किल से होती है। सरकारी स्कीम्स या फ्रीलांसिंग ट्राई करें। सुरक्षित रहें।
क्या आपने ऐसा ऑफर देखा? कमेंट्स में बताएं!