देशभर में सहारा इंडिया परिवार के निवेशकों के लिए 2026 की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। लंबे समय से जिन लोगों का पैसा सहारा इंडिया की विभिन्न कोऑपरेटिव सोसाइटियों में फंसा हुआ था, उनके लिए अब Sahara India Refund Status 2026 से जुड़ी सकारात्मक अपडेट सामने आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार की निगरानी में रिफंड प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जनवरी 2026 से बड़ी संख्या में निवेशकों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होना शुरू हो गया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, पहली किस्त के तौर पर कई योग्य निवेशकों को 50,000 से 55,000 रुपये तक की राशि मिल चुकी है। यह पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जा रहा है, जिससे वर्षों से चले आ रहे इंतजार को अब धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, निवेशकों को इस दौरान फर्जी कॉल, मैसेज और वेबसाइटों से सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।
सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल क्या है और क्यों बनाया गया
सहारा इंडिया समूह ने साल 1978 के बाद अलग-अलग कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जरिए करोड़ों लोगों से निवेश लिया था। बाद में कानूनी विवादों और जांच के चलते बड़ी संख्या में निवेशकों का पैसा फंस गया। इस समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने CRCS Sahara Refund Portal शुरू किया।
यह पोर्टल खास तौर पर उन असली निवेशकों के लिए बनाया गया है, जिन्होंने सहारा इंडिया की चार तय कोऑपरेटिव सोसाइटियों में निवेश किया था। इस पोर्टल के जरिए निवेशक ऑनलाइन क्लेम फाइल कर सकते हैं और अपने रिफंड की स्थिति देख सकते हैं। पोर्टल जुलाई 2023 से चालू है, लेकिन 2025-26 के दौरान रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
किन-किन सोसाइटियों के निवेशकों को मिलेगा रिफंड
CRCS सहारा रिफंड पोर्टल फिलहाल चार कोऑपरेटिव सोसाइटियों के निवेशकों के लिए है। केवल इन्हीं सोसाइटियों में किए गए निवेश पर रिफंड का दावा किया जा सकता है। ये सोसाइटियां इस प्रकार हैं:
- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
- सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड
- हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
- स्टार्स मल्टी-पर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
अगर किसी निवेशक ने इन चारों के अलावा किसी अन्य सहारा स्कीम में पैसा लगाया है, तो वह इस पोर्टल के तहत रिफंड के लिए योग्य नहीं माना जाएगा।
Sahara India Refund Status 2026 के लिए जरूरी पात्रता शर्तें
हर निवेशक को रिफंड नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए कुछ साफ शर्तें तय की हैं, जिनका पूरा होना जरूरी है। इन शर्तों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सही और असली निवेशकों को ही पैसा वापस मिले।
पात्रता से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- निवेश की तारीख 22 मार्च 2022 से पहले की होनी चाहिए और राशि अभी तक वापस न मिली हो
- निवेश ऊपर बताई गई चार मान्य सोसाइटियों में किया गया हो
- निवेशक के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना जरूरी है
- क्लेम के समय मूल रसीद या निवेश से जुड़ा प्रमाण उपलब्ध होना चाहिए
- पहली किस्त में अधिकतम 50,000 रुपये तक का रिफंड तय किया गया है
जिन निवेशकों का क्लेम पहले रिजेक्ट हो गया था या जिनका पेमेंट फेल हुआ था, उनके लिए दोबारा आवेदन का विकल्प भी खुला रखा गया है।
Sahara India Refund Status 2026 कैसे चेक करें
निवेशक अपने रिफंड की स्थिति ऑनलाइन बहुत आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी एजेंट या बिचौलिए की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
रिफंड स्टेटस चेक करने के लिए ये स्टेप्स अपनाएं:
- आधिकारिक पोर्टल mocrefund.crcs.gov.in/depositor/ पर जाएं
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार से लॉगिन करें
- OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें
- डैशबोर्ड में “Check Claim Status” या “Payment Status” विकल्प चुनें
- एप्लीकेशन आईडी या रेफरेंस नंबर दर्ज करें
- स्क्रीन पर आपका स्टेटस दिख जाएगा
अगर भुगतान हो चुका है, तो बैंक ट्रांसफर की तारीख और स्थिति भी दिखाई देगी। किसी तरह की दिक्कत होने पर हेल्पलाइन नंबर 1800-11-3388 पर संपर्क किया जा सकता है।
सहारा इंडिया रिफंड आवेदन प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप
जो निवेशक अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। वेरिफिकेशन में लगभग 45 दिन का समय लग सकता है, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी है।
आवेदन के मुख्य स्टेप्स इस प्रकार हैं:
- पोर्टल पर नया रजिस्ट्रेशन करें
- आधार नंबर, नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें
- OTP से पहचान सत्यापित करें
- बैंक खाते की जानकारी और IFSC कोड भरें
- क्लेम रिक्वेस्ट फॉर्म जनरेट करें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- OTP या ई-साइन से फॉर्म सबमिट करें
सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलता है, जिसकी मदद से आगे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।
जनवरी 2026 में रिफंड से जुड़ी ताजा स्थिति
2026 की शुरुआत में रिफंड को लेकर कई अहम आंकड़े सामने आए हैं, जिससे निवेशकों को उम्मीद मिली है कि प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
नीचे तालिका में मौजूदा स्थिति को संक्षेप में समझा जा सकता है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल वितरित राशि | 6,841 करोड़ रुपये |
| लाभान्वित निवेशक | 35.44 लाख से अधिक |
| पहली किस्त | 50,000 से 55,000 रुपये |
| नए क्लेम प्रोसेस में | लगभग 13 लाख |
| अंतिम डेडलाइन | दिसंबर 2026 |
सरकार का कहना है कि छोटे निवेशकों को पहले प्राथमिकता दी जा रही है और आगे चलकर बड़ी राशि के क्लेम पर भी फैसला लिया जाएगा।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां
रिफंड प्रक्रिया के साथ-साथ ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसलिए निवेशकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें।
ध्यान रखने वाली अहम बातें:
- केवल आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें
- रिफंड के नाम पर किसी को पैसे न दें
- अपने दस्तावेज सुरक्षित रखें
- अपडेट के लिए सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें
अगर क्लेम रिजेक्ट हो जाता है, तो तय समय के भीतर दोबारा आवेदन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
Sahara India Refund Status 2026 उन लाखों निवेशकों के लिए राहत की खबर है, जो वर्षों से अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे थे। जनवरी 2026 से शुरू हुआ रिफंड दिखाता है कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन साफ है कि सही निवेशकों को पैसा लौटाने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है। जिन लोगों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें समय रहते आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जरूरी कदम उठाने चाहिए।