भारत सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये मिलते हैं। ये पैसे तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं, हर किस्त में 2000 रुपये। पैसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं।
ये योजना किसानों को खेती के खर्च में मदद करती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाती है। अब तक लाखों किसान परिवारों को इसका फायदा मिल चुका है। योजना चलाने का तरीका आसान है और पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आते हैं।
योजना की शुरुआत और मुख्य उद्देश्य
पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 24 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इसका मकसद देश के उन किसानों को सीधी आर्थिक मदद देना है जो खेती में मुश्किलों का सामना करते हैं।
हर पात्र किसान परिवार को साल में 6000 रुपये दिए जाते हैं। ये रकम तीन किस्तों में बांटी जाती है। हर किस्त 2000 रुपये की होती है। किस्तें साल के तीन हिस्सों में आती हैं।
- पहली किस्त अप्रैल से जुलाई के बीच
- दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच
- तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच
अब तक 9 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं। कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। ये मदद खेती में निवेश बढ़ाने और परिवार की जरूरतें पूरी करने में सहायक है।
पात्रता की शर्तें क्या हैं
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। सिर्फ पात्र किसान ही पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त पा सकते हैं। मुख्य नियम इस प्रकार हैं।
किसान परिवार के पास अपनी जमीन होनी चाहिए। परिवार में पति, पत्नी और छोटे बच्चे एक इकाई माने जाते हैं। छोटे और सीमांत किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है, उन्हें प्राथमिकता मिलती है। लेकिन योजना सभी जमीन वाले किसानों के लिए है।
कुछ लोग योजना से बाहर रहते हैं। अगर परिवार में कोई आयकर देता है, पेंशन लेता है जैसे सांसद, विधायक या मेयर, या प्रोफेशनल है जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, तो वो पात्र नहीं। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और e-KYC पूरा करना जरूरी है।
सही जानकारी देने से किस्त समय पर मिलती है। गलत डिटेल से पैसा रुक सकता है।
2026 में किस्तों की जानकारी
2025 में 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी हुई थी। इसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,000 करोड़ रुपये मिले। अब 22वीं किस्त का इंतजार है।
हर किस्त में 2000 रुपये मिलते हैं। सालाना कुल 6000 रुपये। 22वीं किस्त दिसंबर से मार्च के चक्र की है। ये फरवरी 2026 में आ सकती है। आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर चेक करते रहें।
लगभग 9.3 करोड़ किसान पात्र हैं। पैसा DBT से सीधे खाते में जाता है। प्रधानमंत्री खुद किस्त जारी कर सकते हैं। अगर देरी हो तो e-KYC या आधार लिंकिंग की वजह से होती है।
| किस्त का चक्र | समय अवधि | किस्त राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त | अप्रैल-जुलाई | 2000 रुपये |
| दूसरी किस्त | अगस्त-नवंबर | 2000 रुपये |
| तीसरी किस्त | दिसंबर-मार्च | 2000 रुपये |
ये टेबल किस्तों के समय और राशि को स्पष्ट करती है।
किस्त स्टेटस कैसे चेक करें
अपनी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त आई या नहीं, ये जानना आसान है। pmkisan.gov.in पर जाएं।
वेबसाइट खोलें। ‘Know Your Status’ पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल या आधार नंबर डालें। कैप्चा भरकर सबमिट करें। स्टेटस दिखेगा – पेड, पेंडिंग या रिजेक्टेड।
PM Kisan GoI ऐप से भी चेक कर सकते हैं। अगर पेंडिंग दिखे तो नजदीकी CSC सेंटर या कृषि ऑफिस जाएं। नियमित चेक करने से समस्या जल्दी पता चलती है।
e-KYC पूरा करना जरूरी
2026 की किस्त के लिए e-KYC अनिवार्य है। बिना इसके पैसा नहीं आएगा।
वेबसाइट पर e-KYC सेक्शन में आधार नंबर डालें। OTP आएगा, उसे भरें। CSC सेंटर पर फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन करवाएं। ऐप से फेस रिकग्निशन भी कर सकते हैं।
आधार बैंक से लिंक रखें। ये आसान कदम किस्त बिना रुकावट मिलने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों को सालाना 6000 रुपये की तीन किस्तों में मदद देती है। हर किस्त 2000 रुपये की होती है और पात्रता के आधार पर सीधे खाते में जाती है।
ये मायने रखता है क्योंकि लाखों किसान परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है। आगे चलकर पात्र किसान e-KYC पूरा रखें और वेबसाइट पर अपडेट चेक करें ताकि किस्त समय पर मिले। समस्या हो तो हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर संपर्क करें।