नया साल शुरू होते ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर आ रही है। लगभग 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख रिटायर्ड कर्मचारियों को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का इंतजार है। अभी महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत पर है और जनवरी 2026 से इसमें फिर से बढ़ोतरी होने वाली है। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन को सीधे प्रभावित करेगी। साथ ही यह 8वें वेतन आयोग से भी जुड़ी हुई है।
सरकार हर साल दो बार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करती है। एक बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। इस बार जनवरी की बढ़ोतरी को लेकर सभी की नजरें लगी हुई हैं। अभी यह साफ नहीं है कि बढ़ोतरी कितने प्रतिशत की होगी, लेकिन अनुमान है कि 2 प्रतिशत या 3 प्रतिशत तक हो सकती है। दिसंबर के आंकड़े आने के बाद ही यह पूरी तरह तय होगा।
AICPI आंकड़े क्या बता रहे हैं
महंगाई भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स यानी AICPI के आंकड़ों के आधार पर होती है। नवंबर तक के आए आंकड़े इस बढ़ोतरी के संकेत दे रहे हैं। दिसंबर का डेटा आने के बाद ही सटीक प्रतिशत पता चलेगा। अभी तक के पैटर्न को देखते हुए कर्मचारी और पेंशनर्स यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस बार कितनी राहत मिलेगी।
पिछले साल जनवरी में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत हो गया था। फिर जुलाई में 3 प्रतिशत बढ़ा और अब 58 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इसी तरह का पैटर्न इस बार भी दिख सकता है। महंगाई भत्ता हमेशा फॉर्मूले से ही तय होता है। इसके लिए 12 महीनों के AICPI के औसत को लिया जाता है। बेस ईयर अभी 2016 है और लिंकिंग फैक्टर 2.88 इस्तेमाल किया जाता है।
महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी से सैलरी और पेंशन पर असर
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 40,000 रुपये है। अभी 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता के हिसाब से उन्हें हर महीने 23,200 रुपये अतिरिक्त मिल रहे हैं। अगर जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है और यह 60 प्रतिशत हो जाता है, तो महंगाई भत्ता 24,000 रुपये हो जाएगा। इस तरह हर महीने 800 रुपये की ekstra राशि मिलेगी।
यही गणना पेंशनर्स के लिए भी लागू होती है। उनकी पेंशन पर महंगाई राहत इसी फॉर्मूले से मिलती है। इस बढ़ोतरी से लाखों परिवारों की मासिक आमदनी में सीधी बढ़ोतरी होगी। छोटी लगने वाली यह राशि साल भर में काफी मदद करती है।
नीचे एक साधारण टेबल में यह गणना दी गई है ताकि आसानी से समझ आए:
| बेसिक सैलरी/पेंशन | वर्तमान DA/DR (58%) | राशि (रुपये में) | संभावित DA/DR (60%) | नई राशि (रुपये में) | मासिक बढ़ोतरी (रुपये में) |
|---|---|---|---|---|---|
| 40,000 रुपये | 58% | 23,200 | 60% | 24,000 | 800 |
| 50,000 रुपये | 58% | 29,000 | 60% | 30,000 | 1,000 |
| 30,000 रुपये | 58% | 17,400 | 60% | 18,000 | 600 |
यह टेबल सिर्फ उदाहरण के लिए है और अलग-अलग सैलरी पर अलग राशि बढ़ेगी।
8वें वेतन आयोग से क्या है संबंध
8वें वेतन आयोग बन चुका है और इसे 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट देनी है। इस दौरान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत हर छह महीने में बढ़ती रहेगी। यानी जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027 में चार किस्तें आएंगी।
अगर इन चार किस्तों में कुल बढ़ोतरी 10 प्रतिशत तक पहुंच जाती है, तो वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को ज्यादा रखा जा सकता है। फिटमेंट फैक्टर वह संख्या है जिससे नई बेसिक सैलरी तय होती है। ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का मतलब नई सैलरी, पेंशन और एरियर में ज्यादा फायदा होगा। इस तरह जनवरी 2026 की यह बढ़ोतरी आने वाले बड़े बदलाव की दिशा में पहला कदम है।
क्या हुआ, क्यों मायने रखता है और आगे क्या समझें
जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ने वाली है। अभी यह 58 प्रतिशत पर है और 2 प्रतिशत या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी AICPI के दिसंबर आंकड़ों के बाद तय होगी।
यह बदलाव लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय को बढ़ाएगा। साथ ही 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर पर असर डालेगा, जिससे लंबे समय में सैलरी और पेंशन में बड़ा फायदा हो सकता है।
आगे सभी को दिसंबर के AICPI आंकड़ों का इंतजार करना होगा। इसके बाद सरकार बढ़ोतरी का ऐलान करेगी। यह प्रक्रिया हर छह महीने चलती रहेगी और 8वें वेतन आयोग तक जारी रहेगी।