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MP School Winter Vacation: कड़ाके की ठंड के बीच मध्य प्रदेश में छुट्टियों का ऐलान, नई डेट जारी

मध्य प्रदेश में इस बार MP School Winter Vacation बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर घोषित की गई है। लगातार गिरता तापमान और सुबह के समय घना कोहरा छोटे बच्चों के लिए खतरा बन गया है। इसी कारण राज्य के कई जिलों में स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों पर लागू होगा और सभी सरकारी व निजी स्कूलों में समान रूप से पालन किया जाएगा।

MP School Winter Vacation क्यों लिया गया फैसला?

इस बार मध्य प्रदेश में सर्दी का स्तर सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। छोटे बच्चों की सेहत इस स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। लगातार शीतलहर के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।

जिला प्रशासन ने यही कारण माना और कुछ जिलों में MP School Winter Vacation की घोषणा की। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों को ठंड से सुरक्षा देना और स्वास्थ्य जोखिम कम करना है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, ग्वालियर, नीमच, रायसेन, हरदा, रतलाम और शिवपुरी जैसे जिलों में छुट्टियों या स्कूल समय में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

MP में स्कूलों की छुट्टियाँ कैसे और किन चरणों में लागू की गईं

ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए MP School Winter Vacation को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। हर जिले ने मौसम और स्थानीय हालात के अनुसार आदेश जारी किए। प्रक्रिया इस प्रकार रही:

  1. मौसम की समीक्षा:
    जिले के प्रशासन ने सबसे पहले मौसम विभाग की रिपोर्ट और स्थानीय तापमान की निगरानी की। जहां तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे और दृश्यता 50 मीटर से कम हुई, वहां निर्णय तुरंत लागू किया गया।
  2. स्वास्थ्य विभाग से परामर्श:
    डॉक्टरों और बाल रोग विशेषज्ञों से राय ली गई। उनकी सलाह के अनुसार सर्दी के कारण बच्चों में निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और वायरल संक्रमण का खतरा था।
  3. अभिभावकों के सुझाव:
    कई जिलों में अभिभावकों ने शिकायत की कि सुबह की ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा है। इन सुझावों को गंभीरता से लिया गया।
  4. स्कूल प्रबंधन से बैठक:
    प्राचार्यों और प्रबंधन समितियों के साथ बैठक कर तय किया गया कि किन कक्षाओं को छुट्टी दी जाए। इसके बाद नर्सरी से 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियों की घोषणा हुई।
  5. आदेश जारी करना:
    कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों ने आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसमें छुट्टियों की अवधि और समय परिवर्तन की जानकारी दी गई।
  6. मीडिया और सार्वजनिक सूचना:
    स्कूलों को आदेश की प्रति दी गई और स्थानीय मीडिया के माध्यम से जनता को सूचना दी गई ताकि कोई भ्रम न रहे।

किन जिलों में कितना असर पड़ा

जिलाकक्षाएँछुट्टी / समय परिवर्तन
इंदौर1–83 दिन की छुट्टी
भोपालN–8स्कूल सुबह 10:30 बजे से शुरू
मंदसौर, शाजापुर1–82 दिन की छुट्टी
उज्जैन1–81 दिन की छुट्टी
ग्वालियर, नीमच, रतलाम, शिवपुरी1–85–6 जनवरी छुट्टी
रायसेन1–85–7 जनवरी, 3 दिन की छुट्टी

शिक्षा विभाग और प्रशासन के निर्देश

राज्य शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को यह निर्देश दिया है कि प्रशासन के आदेश का सख्ती से पालन करें। छुट्टियों के दौरान कोई कक्षा संचालन नहीं होगा। यदि ठंड की स्थिति जारी रहती है, तो आगे छुट्टियों को बढ़ाया जा सकता है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

  • स्कूलों में सुबह हीटर या अलाव की व्यवस्था।
  • बच्चों को गर्म कपड़े पहनने के लिए प्रेरित करना।
  • बिना ऊनी कपड़ों वाले बच्चों को स्कूल आने से रोकना।
  • स्कूल बसों और वैनों की समय सारणी सुबह 9:30 बजे के बाद रखना।
  • बीमार होने पर अभिभावकों को तुरंत सूचित करना।
  • स्कूल कैंपस में सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को दुरुस्त रखना।

स्कूलों की छुट्टियाँ आगे बढ़ सकती हैं

प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। यदि मौसम विभाग से और सर्दी या कोहरे की चेतावनी मिलती है, तो जिलावार छुट्टियों को बढ़ाया जा सकता है। कलेक्टरों को स्थानीय हालात के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव

  • बच्चों को गर्म कपड़ों में ही बाहर भेजें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • यदि बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • स्कूल के आदेश और समय सारणी की जानकारी पर नजर रखें।
  • सुबह कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
  • बच्चों को गरम खाना और पेय पदार्थ दें ताकि उनका शरीर गर्म बना रहे।

MP School Winter Vacation के इस कदम से बच्चों की पढ़ाई की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से उनकी सेहत और सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय है।

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