केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी खबर लेकर आ रही है। महंगाई के बीच जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता यानी डीए में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अभी कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है। कई अनुमानों के मुताबिक इसमें दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
यह बदलाव करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधे फायदा पहुंचाएगा। महंगाई भत्ता सरकार की तरफ से दिया जाने वाला वह हिस्सा है जो बढ़ती कीमतों से कर्मचारियों की मदद करता है। इसे हर छह महीने में अपडेट किया जाता है।
डीए कैसे तय होता है
महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के आधार पर होती है। यह आंकड़ा श्रम ब्यूरो हर महीने जारी करता है। नवंबर 2025 तक सूचकांक 148.2 पर पहुंच चुका है। पिछले बारह महीनों की औसत गणना से 60 प्रतिशत डीए लगभग तय दिख रहा है।
अगर यह बढ़ोतरी मंजूर होती है तो सातवें वेतन आयोग के तहत यह एक बड़ा कदम होगा। आमतौर पर डीए की घोषणा मार्च में होती है, लेकिन इसका फायदा जनवरी से ही मिलता है और बकाया राशि भी एक साथ जमा कर दी जाती है।
संभावित बढ़ोतरी और उसका असर
ज्यादातर रिपोर्टों में जनवरी 2026 से डीए में दो प्रतिशत बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। कुछ जगहों पर तीन से चार प्रतिशत तक की चर्चा है, लेकिन मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए दो प्रतिशत की बढ़ोतरी सबसे ज्यादा संभावित है।
जुलाई 2025 में डीए 58 प्रतिशत था, जो जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत हो सकता है। 60 प्रतिशत का यह आंकड़ा इसलिए खास है क्योंकि इससे कई अन्य भत्तों में भी बदलाव आ सकता है।
नीचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि अलग-अलग मूल वेतन पर दो प्रतिशत डीए बढ़ोतरी से कितना फायदा होगा:
| मूल वेतन (रुपये में) | मौजूदा डीए (58%) राशि | नया डीए (60%) राशि | मासिक अतिरिक्त राशि |
|---|---|---|---|
| 20,000 | 11,600 | 12,000 | 400 |
| 30,000 | 17,400 | 18,000 | 600 |
| 40,000 | 23,200 | 24,000 | 800 |
| 50,000 | 29,000 | 30,000 | 1,000 |
| 60,000 | 34,800 | 36,000 | 1,200 |
यह अतिरिक्त राशि हर महीने सीधे सैलरी में जुड़ेगी। पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत यानी डीआर में इतनी ही बढ़ोतरी मिलेगी।
सैलरी पर कुल प्रभाव
महंगाई भत्ता बढ़ने से सिर्फ मासिक आय ही नहीं बढ़ती, बल्कि कई अन्य भत्ते भी अपने आप बढ़ जाते हैं। हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और कुछ विशेष भत्ते डीए से जुड़े होते हैं। इसलिए कुल फायदा इससे ज्यादा होता है।
ग्रेच्युटी की गणना भी मूल वेतन और डीए के जोड़ पर होती है, इसलिए रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। पेंशनभोगियों के लिए यह बढ़ोतरी खास तौर पर उपयोगी है क्योंकि उनकी आय तय होती है और हर अतिरिक्त रुपया रोजमर्रा के खर्च में मदद करता है।
घोषणा कब और कैसे होगी
सरकार आमतौर पर जनवरी से लागू होने वाले डीए की घोषणा फरवरी या मार्च में करती है। इसका कारण यह है कि दिसंबर 2025 का CPI आंकड़ा जनवरी के अंत तक आता है। उसके बाद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में पूरी गणना होती है।
फिर प्रस्ताव कैबिनेट के पास जाता है। मंजूरी मिलते ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो जाता है। पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें तो मार्च के मध्य तक घोषणा की पूरी संभावना है।
घोषणा के बाद जनवरी, फरवरी और मार्च के तीन महीनों का बकाया भी एक साथ मिलता है, जिससे उस महीने की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी दिखती है।
निष्कर्ष
जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की मजबूत संभावना है, जिससे यह 60 प्रतिशत हो जाएगा।
यह बदलाव करीब 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों की मासिक आय को सीधे बढ़ाएगा और कई अन्य भत्तों को भी प्रभावित करेगा। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए कर्मचारियों को केवल सरकारी सूत्रों से आने वाली जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। घोषणा मार्च तक होने की उम्मीद है और बकाया राशि भी एक साथ मिलेगी।