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मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना की पूरी जानकारी

मध्य प्रदेश सरकार ने दिव्यांग नागरिकों की मदद के लिए मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद दिव्यांग लोगों को शादी करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत शादी करने वाले दिव्यांग जोड़ों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना 12 अगस्त 2008 से चल रही है और आज भी दिव्यांग नागरिकों को फायदा पहुंचा रही है।

इस योजना से दिव्यांग लोग अपनी शादी के खर्च में आसानी महसूस कर सकते हैं। सरकार सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करती है। योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियम और शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। आज हम आपको इस योजना के हर पहलू के बारे में आसान भाषा में बताएंगे।

योजना के मुख्य बिंदु

मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत आती है। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है। आधिकारिक वेबसाइट sparsh.mp.gov.in पर जाकर पूरी जानकारी ली जा सकती है।

योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासियों को मिलता है। शादी धार्मिक रीति-रिवाजों से या कोर्ट मैरिज के जरिए हुई होनी चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए।

पात्रता की शर्तें

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं। ये शर्तें सभी आवेदकों पर लागू होती हैं।

आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। दूल्हे की उम्र कम से कम 21 साल और दुल्हन की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। पति-पत्नी में से कोई भी आयकर दाता नहीं होना चाहिए।

दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे ज्यादा होनी चाहिए। यह प्रमाण पत्र डॉक्टर से जारी होना चाहिए। शादी कानूनी तरीके से हुई होनी चाहिए। सिर्फ वही जोड़े आवेदन कर सकते हैं जिनमें कम से कम एक व्यक्ति दिव्यांग हो।

सहायता राशि की जानकारी

योजना के तहत मिलने वाली राशि इस बात पर निर्भर करती है कि जोड़े में कितने लोग दिव्यांग हैं।

  • अगर पति या पत्नी में से सिर्फ एक व्यक्ति दिव्यांग है तो जोड़े को 2 लाख रुपये की सहायता मिलती है।
  • अगर पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं तो उन्हें 1 लाख रुपये की राशि दी जाती है।

यह राशि जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है। अगर पहले किसी ने लाभ ले लिया है तो दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकता।

स्थितिसहायता राशि
केवल एक व्यक्ति दिव्यांग2 लाख रुपये
दोनों व्यक्ति दिव्यांग1 लाख रुपये

योजना की महत्वपूर्ण शर्तें

कई नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी है। इन नियमों की वजह से योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचता है।

शादी के बाद एक साल के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता। अगर दोनों दिव्यांग हैं तो संयुक्त आवेदन पति के स्थायी पते से करना होता है।

अगर सिर्फ पत्नी दिव्यांग है तो आवेदन उसके मूल पते से करना पड़ता है। शादी टूटने की स्थिति में अगर पांच साल के अंदर तलाक हो जाता है तो पूरी राशि सरकार को वापस करनी पड़ती है। वापस न करने पर यह राशि भूमि राजस्व की तरह वसूल की जाती है।

विधवा, परित्यक्ता या विदुर व्यक्ति अगर पहले लाभ ले चुके हैं तो दोबारा नहीं ले सकते।

जरूरी दस्तावेजों की सूची

आवेदन करते समय कुछ जरूरी कागजात लगाने पड़ते हैं। इन दस्तावेजों की फोटो कॉपी तैयार रखें।

  • मध्य प्रदेश का मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • डॉक्टर द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र
  • आयकर न देने का प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • जोड़े की दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • विधवा होने पर पति की मृत्यु प्रमाण पत्र
  • परित्यक्ता होने पर कोर्ट के आदेश की कॉपी

ये सभी दस्तावेज सही होने पर ही आवेदन आगे बढ़ता है।

दस्तावेज का नामजरूरी कब
मूल निवासी प्रमाण पत्रसभी आवेदकों के लिए
दिव्यांगता प्रमाण पत्रसभी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए
आयु प्रमाण पत्रदूल्हा-दुल्हन दोनों के लिए
बैंक पासबुकराशि ट्रांसफर के लिए

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

आवेदन करना बहुत आसान है। ऑनलाइन तरीके से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

सबसे पहले sparsh.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं। वहां Programmes & Schemes सेक्शन में जाएं। निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का ऑप्शन चुनें।

इसके बाद Apply for disabled marriage through Samagra ID पर क्लिक करें। अपनी समग्र आईडी भरें। पति या पत्नी मध्य प्रदेश के नागरिक हैं या नहीं, यह जानकारी दें।

रजिस्टर करने के बाद फॉर्म खुलेगा। सारी जानकारी सावधानी से भरें और सबमिट करें। ऑफलाइन आवेदन के लिए जिले के सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय में फॉर्म जमा करना होता है।

आवेदन निपटारे की समय सीमा 15 कार्य दिवस है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के जरिए दिव्यांग नागरिकों को शादी के लिए आर्थिक मदद दी है। योजना के तहत एक या दोनों दिव्यांग जोड़ों को 1 से 2 लाख रुपये तक की राशि मिलती है।

यह सहायता दिव्यांग लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाने में मदद करती है। आगे चलकर योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता, दस्तावेज और समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। सही समय पर आवेदन करने से दिव्यांग जोड़े इस सरकारी मदद का पूरा फायदा उठा सकते हैं।

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